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सावन और भगवान शिव का गहरा संबंध क्यों है? 🔱🌿

हिंदू मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के समय निकले भयंकर हलाहल विष को सृष्टि की रक्षा के लिए भगवान शिव ने अपने कंठ में धारण किया। माना जाता है कि सावन के महीने में देवताओं ने शिवजी का जलाभिषेक कर उन्हें शीतलता प्रदान की। तभी से सावन मास में शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करने की परंपरा चली आ रही है। एक अन्य मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए इसी पावन काल में कठोर तपस्या की थी। इसलिए सावन का महीना शिव-पार्वती की आराधना, भक्ति, तप और शुभता का प्रतीक माना जाता है। इसी कारण सावन में सोमवार व्रत, रुद्राभिषेक, ॐ नमः शिवाय का जप और भगवान भोलेनाथ की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। हर हर महादेव! 🙏🔱